tag:blogger.com,1999:blog-307810242007-12-01T06:20:51.311-08:00राजस्थलीSagar Chand Naharhttp://www.blogger.com/profile/13049124481931256980noreply@blogger.comBlogger1125tag:blogger.com,1999:blog-30781024.post-1152270073158359782006-07-07T03:57:00.000-07:002006-07-07T04:01:13.166-07:00पधारो सासघळां राजस्थानी अने राजस्थानी भाषा रा जाणकार भाई बहेनों ने राम राम सा, अने जय जिनेन्द्र!<br />राजस्थान मतल्ब राजपूत वीरां री भूमि जठे महाराणा प्रताप जेड़ा राजा अने भामाशाह जेड़ा देश भक्त हुई गया है।<br />मारो जन्म राजसमन्द जिल्ला रा देवगढ़ गाँव मां हुयो, देवगढ़ सिरियारी रा कने (२९ कि मी) है, जठे तेरापंथ रा पहेला आचार्य भिक्षु री समाधी है। घर मां बोला हां मेवाड़ी पण लिखबा को जर काम पड़े तो मारवाड़ी लिख ल्यां।<br />हिन्दी मां चिठ्ठाकारी करता करता एक दिन मन मां विचार हुयो के आपणी भाषा मां पण ब्लॉग/ चिठ्ठो होणो चाहिजे, अने आपनी सामे प्रस्तुत है आ राजस्थानी ब्लॉग।<br />टाबर था जर घर मां माणक आवती थी,पापाजी ने माणक रो घणों शोख। मारी मोटी बहेन रा जर लग्न हुया तो पापाजी कूँकुम पत्रिका पण मारवाड़ी मा बणावी, जीरो मेटर कईक यान थो-<br /><span style="color:#ff0000;"><strong><em>मारी लाडेसर "सविता" रो शुभ ब्याव कुचामण सिटी रा सेठ ...... रा सुपुत्र अबीर चन्द जी साथे होवण रो तय हुयो है सो आप सघळा वेळासर पधारजोसा ।<br /></em></strong></span>जीजी रा ब्याव पछी तो जर मारो ब्याव हुयो तो मारी पत्रिका पण मारवाड़ी मां बणी थी।<br />खैर सघळी बात आज करस्यां तो पछी कांई करस्यां !!!!<br />आप सघळां ने मारी अरज है के आप पण जे कांई लिख सको हो लिखबा रो पयत्न करो कांई मदद री जरूरत हो तो म्हाने संपर्क कर सको।<br /><a href="http://www.sagarnahar.blogspot.com">सागर चन्द नाहर</a><br /><a href="http://http://marubhoomi.blogspot.com/">संजय बेंगानी</a>Sagar Chand Naharhttp://www.blogger.com/profile/13049124481931256980noreply@blogger.com